कुसुमप्रज्ञा समणी- सं.

एक बूंद एक सागर : आचार्य श्री तुलसी की वाणी .... - राजस्थान जैन विश्व भारती प्रकाशन १९९१ इ.सं. - 414 p.

धर्म;जैन, भाषण र प्रवचन

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