शाक्य धर्मरत्न

अंगुलिमाल : पूर्णाङ्की नाटक - काठमाडौं आनन्दकुटी विहारगुठी १९९० इ.सं. - 44 p.

नेपाली साहित्य;जीवनी नाटक

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