ब्रह्मचारी, प्रभुदत्त

श्रीक्रिष्णालिलादर्शन (खण्ड-१ ) - तिर्तीय - गोरखपुर गीता प्रेस २००० - १६०पृ.


धर्म
हिन्दु धर्म; कृष्ण-हिन्दु देवी देवता

२९४.५ / ब्र७३१श्री