आनन्द गिरी.

बृहदारण्यकोपनिषद्भाष्यवार्तिकमःग्री. - s.l. : आनन्दाश्रममुद्रणालये, ख्रिस्ताब्दा १९१४. - ८४८ p. ; cm. - आनन्दाश्रम संस्कृत ग्रन्थावली १६. .


संस्कृत.


धर्मशास्त्र
हिन्दू धर्म,उपनिषद्,अरण्य उपनिषद्

२९४.५९२१८ / आ१११बृ