रिजाल, कमल

सुकर्म - काठमाडौं नेपाल प्रज्ञा-प्रतिष्ठान २०७४ वि.सं. - २६९पृ.

९७८९९३७६८९९७७

नेपाली साहित्य;हिन्दी उपन्यास

891.4953