शुक्ल, द्विजेन्द्रनाथ

समराङ्गणा-सूत्रधार-वास्तु-शास्त्र (भवन-निवेश-प्रथम भाग) - वास्तु वाङ्मय प्रकाशन शाखा १९६५ - घ; १९८ पृ.

वास्तुशास्त्र;वास्तुकला

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