स्वोपज्ञार्थप्रकाशिकाव्याख्योपेता जैनसिद्धान्तकौमुदी (उर्द्धमागधीव्याकरणम्).
रत्नचन्द्र.
स्वोपज्ञार्थप्रकाशिकाव्याख्योपेता जैनसिद्धान्तकौमुदी (उर्द्धमागधीव्याकरणम्). - लाहौर : मेहर चन्द लक्ष्मण दास, १९९४. - ४११ p. ; - मेहरचन्द्र लक्ष्मणदास संस्कृत तथा प्राकृत सीरीज संख्या ५. .
जैन धर्म,सिद्धान्त,दर्शन
दर्शनशास्त्र
१८१.०४४ / र२३६स्वो
स्वोपज्ञार्थप्रकाशिकाव्याख्योपेता जैनसिद्धान्तकौमुदी (उर्द्धमागधीव्याकरणम्). - लाहौर : मेहर चन्द लक्ष्मण दास, १९९४. - ४११ p. ; - मेहरचन्द्र लक्ष्मणदास संस्कृत तथा प्राकृत सीरीज संख्या ५. .
जैन धर्म,सिद्धान्त,दर्शन
दर्शनशास्त्र
१८१.०४४ / र२३६स्वो
