बृहदारण्यकोपनिषद्
जालान, घनश्यामदास
बृहदारण्यकोपनिषद् - घनश्यामदास जालान १९९९ - १३६५ पृ.
उपनिषद्;बृहदारण्यक उपनिषद्;वैदिक साहित्य
294.59218
बृहदारण्यकोपनिषद् - घनश्यामदास जालान १९९९ - १३६५ पृ.
उपनिषद्;बृहदारण्यक उपनिषद्;वैदिक साहित्य
294.59218
