व्यंग्यार्थ मंजूषा
लाला भगवानदीन
व्यंग्यार्थ मंजूषा - काशी साहित्य सेवक कार्यालय १९८४ - 71 p.
Hindi poetry
८९१.४३१०९ / ला१५व्यं १९८४
व्यंग्यार्थ मंजूषा - काशी साहित्य सेवक कार्यालय १९८४ - 71 p.
Hindi poetry
८९१.४३१०९ / ला१५व्यं १९८४
